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एक्शन मोड में CM मोहन यादव, दो महीने में 30 लाख लोगों की समस्याओं का किया समाधान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में लम्बित राजस्व प्रकरणों नामान्तरण बंटवारा सीमांकन अभिलेख दुरुस्ती नक्शे पर तरमीम के निराकरण के लिए राजस्व महाअभियान शुरू करने के निर्देश दिए थे। जिससे नागरिकों को सरकारी कार्यालयों में बार- बार भटकना न पड़े और राजस्व संबंधी समस्याओं का तत्काल निराकरण हो सके। मुख्यमंत्री डॉ यादव के निर्देशानुसार प्रदेश में राजस्व महाअभियान का प्रथम चरण 15 जनवरी से 29 फरवरी तक चलाया गया।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में नए आयाम स्थापित कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ यादव की सजगता और संवेदनशीलता से प्रदेश के आम नागरिकों की राह आसान हुई है। पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन से प्रदेश में राजस्व से जुड़े मामलों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। 15 जनवरी से 10 मार्च तक लगभग दो माह से भी कम समय में राजस्व महाअभियान चलाकर 30 लाख से अधिक लंबित राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया गया है।मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरू हुआ था राजस्व महाअभियान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में लम्बित राजस्व प्रकरणों नामान्तरण, बंटवारा, सीमांकन, अभिलेख दुरुस्ती, नक्शे पर तरमीम के निराकरण के लिए राजस्व महाअभियान शुरू करने के निर्देश दिए थे। जिससे नागरिकों को सरकारी कार्यालयों में बार- बार भटकना न पड़े और राजस्व संबंधी समस्याओं का तत्काल निराकरण हो सके। मुख्यमंत्री डॉ यादव की पहल पर विभाग द्वारा राजस्व महाअभियान चलाया गया, जिसका लाभ प्रदेश के लाखों नागरिकों का मिला है।

दो चरणों में ऐसे हुआ 30 लाख से अधिक लंबित प्रकरणों का निराकरण

मुख्यमंत्री डॉ यादव के निर्देशानुसार प्रदेश में राजस्व महाअभियान का प्रथम चरण 15 जनवरी से 29 फरवरी तक चलाया गया। जिसके तहत राज्य, जिला एवं तहसील स्तर पर प्रतिदिन प्रकरणों के निराकरण की मॉनिटरिंग हेतु राजस्व महाभियान डैशबोर्ड बनाकर निरंतर कार्य की समीक्षा की गई। अभियान के प्रथम चरण में 26 लाख से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया गया। इसकी सफलता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने राजस्व महाअभियान को 15 मार्च 2024 तक बढ़ाने के निर्देश दिए थे। परिणाम स्वरूप अभियान के द्वितीय चरण में 1 मार्च से 10 मार्च तक 4 लाख से अधिक राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया गया। इस तरह अभियान अवधि 15 जनवरी से 10 मार्च 2024 तक कुल 30 लाख से अधिक लंबित राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया गया।

10 मार्च तक इन लंबित प्रकरणों का हुआ निराकरण

राजस्व महाअभियान के अंर्तगत 15 जनवरी से 10 मार्च तक कुल 3,23,016 प्रकरणों का नामांतरण, बंटवारे के 40,414 प्रकरण, सीमांकन के 43,189 प्रकरण, अभिलेख दुरुस्ती के 27,373 प्रकरण, नक्शा तरमीम के , 26,14,263 प्रकरण सहित कुल 30,48,255 प्रकरणों का निराकरण किया गया।

लंबित नामांतरण में इन जिलों ने किया बेहतर प्रदर्शन

राजस्व महाअभियान के अंर्तगत प्रदेश के कई जिलों ने लंबित राजस्व प्रकरणों के निपटान एवं नामांतरण में बेहतर कार्य किया है जिनमें अनूपपुर, पाढुर्णा, विदिशा,अशोकनगर, निवाड़ी, दतिया, सीहोर, गुना, हरदा, रायसेन, शिवपुरी, सिवनी, छिंदवाड़ा, आलीराजपुर, श्योपुर, आदि जिले प्रकरणों के निराकरण में शत प्रतिशत रहे। तो वहीं जबलपुर , झाबुआ, सिंगरौली, बुरहानपुर, बालाघाट , नीमच, नरसिंहपुर , बडवानी, डिन्डोरी, खंडवा , ग्वालियर, सागर, छतरपुर आदि जिलों में 99 % लंबित नामांतरण प्रकरणों का निराकरण किया गया है।

पारदर्शी प्रणाली से नागरिकों को हुई सुविधा

अब नागरिकों को अपनी जमीन अथवा राजस्व से संबंधित कोई भी जानकारी ऑनलाईन मिल सकेगी। प्रदेश सरकार ने पारदर्शिता को महत्व देते हुए राजस्व विभाग को डिजिटल करते हुए पेपरलेस, फ़ेसलेस, और ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की है। अब साधारण और डिज़िटली प्रमाणित भू-अभिलेख प्रतिलिपि, अभिलेखागार के अभिलेख प्रतिलिपि (खसरा/खतौनी) साधारण और डिजिटली प्रमाणित भू नक्शा नक्शा भू-अधिकार पुस्तिका, राजस्व न्यायालय आदेश प्रतिलिपि, आबादी अधिकार अभिलेख, व्यपवर्तित भूमि-राजस्व भुगतान, व्यपवर्तन सूचना, व्यव्हार न्यायालय प्रकरण, दृष्टि बंधक, भू राजस्व भुगतान, MP Online/LSK/CM Care के माध्यम से प्रमाणित भू-अभिलेख प्रति डाउनलोड, ट्रांजैक्शन विवरण, भूमि बंधक, कृषि भूमि राजस्व विभाग, DS दस्तावेज़ खोजें, जमानत विवरण इत्यादि की जानकारी कहीं से भी देख व निकाल सकेंगे।

बंटवारा प्रकरण के निराकरण में इन जिलों का श्रेष्ठ प्रदर्शन

अभियान के अंर्तगत अशोकनगर, इंदौर, कटनी, झाबुआ, डिन्डोरी, पांढुर्णा, शिवपुरी, श्योपुर, सीहोर, हरदा, विदिशा, गुना, रायसेन,दतिया, नीमच, निवाड़ी आदि जिलों में बंटवारा सम्बंधित 100% मामलों का , आगर मालवा, अनूपपुर, खरगौन, ग्वालियर, खण्डवा द्वारा 99 प्रतिशत प्रकरणों निराकरण अभियान अवधि में किया जा चुका है। सीमांकन सम्बंधित 100 प्रतिशत प्रकरणों का इंदौर, शहडोल, अनूपपुर, अशोकनगर, आलीराजपुर, कटनी, गुना, ग्वालियर, छतरपुर, छिंदवाड़ा ,झाबुआ ,डिन्डोरी ,दतिया, देवास, निवाड़ी, नीमच ,पांढुर्णा , बुरहानपुर,मंडला रायसेन ,विदिशा,शाजापुर ,शिवपुरी, श्योपुर ,सागर, सिवनी, सीहोर, हरदा आदि जिलों में निराकरण किया जा चुका है|

अभिलेख दुरुस्ती में इन जिलों ने किया अच्छा काम

राजस्व महाअभियान के अंर्तगत अभिलेख दुरुस्ती का कार्य भी तेजी से जारी है जिसमें झाबुआ, विदिशा,सीहोर, हरदा द्वारा 100 % एवं मैहर, छतरपुर, सिवनी द्वारा 99 प्रतिशत लंबित प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है।

नक्शा तरमीम में ये जिले रहे आगे

इसी तरह बुरहानपुर खण्डवा, पांढुर्णा, भिण्ड, विदिशा,झाबुआ, निवाड़ी, मंडला,आगर मालवा, सिवनी आदि जिले नक्शा तरमीम के कार्य में अग्रणी हैं।

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