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सरकार ने नहीं सुनी फरियाद तो गांव वालों ने मीडिया का लिया सहारा पर नहीं बना रास्ता, कलेक्टर से भी लगाई थी मदद की गुहार!

मध्य प्रदेश : जिला रीवा ग्राम पंचायत सरूई जनपद पंचायत त्योम्पर अंतर्गत ग्राम गडरगवां वृत्त गढ़ी तहसील त्योंथर गांव के विजय कुमार ने सभी पीड़ित गांव वासियों के हस्ताक्षर समेत कलेक्टर महोदय को लिखा शिकायत पत्र के माध्यम से शासन प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाना चाहते हैं

क्या है पूरा मामला?

कलेक्टर महोदय को रास्ता खुलवाने बारे लिखा शिकायत पत्र सौंपा

विषयान्तयत लेख है कि ग्राम पंचायत सरूई जनपद पंचायत त्योम्पर अंतर्गत ग्राम गडरगवां वृत्त गढ़ी तहसील त्योंथर की आसाजी खसरा कमांक 352/2 जो कि शासकीय भूमि है एवं इसी तरह आराजी खसरा क्रमांक 352/1/2 व 352/1/1 निजी स्वामित्व पट्टे की भूमि है उक्त भूमियों से होते हुए ग्राम गडरगक से कोटिहा टोला का रूढिगत व प्राचीन मार्ग स्थित रहा जिससे कोटिहा टोला के लोगो का आना-जाना एवं कृषि उपकरण हल, बैल, ट्रैक्टर आदि का आवागवन पुश्तैनी रूप से होता रहा तथा इतना ही नहीं ग्राम पंचायत सरूई द्वारा उक्त मार्ग में वर्ष 2017 में गिट्टी व भोरमीकरण भी किया गया था जिसमे शासन का लगभग 56000 रूपये की लागत लगी है परन्तु हाल ही में गांव के कुछ सरहम लोगों द्वारा उक्त मार्ग की जोताई करके अरहर की फसल व कुछ शासकीय भूमि पर मकान व बाड़ी लगा लिया गया है। जिससे उकत मार्ग से लोगो का आना-जाना बंद कर दिया गया है यदि गांव में कोई भी व्यक्ति बीमार पड़ जाता है तो उसको आने जाने वाले. मार्ग अवरोधित कर दिया गया है तथा उक्त मार्ग को कहा गया तो गाँव के ही यादव परिवार के गोगवा देवी के पुत्र राधेश्याम यादव, बनवारीलाल राजेन्द्र यादव पिता मलाघर यादव लड़ाई झगड़ा के लिए आमादा होते है इतना ही नहीं जो शासकीय भूमि है। उस पर गाँव के सरहंग व्यक्ति पुष्पेन्द्र सिंह व कान्ति सिह पिता अवधेश सिंह निवासी ग्राम गडरग्वां द्वारा उक्त मार्ग पर भकान बनाकर बाडी लगा ली गयी है कहा जाता है कि इधर से नही निकलने दूंगा अगर आने जाने का प्रयास करोगे तो जान से खत्म कर देंगे जबकि कोटिहा टोला में लगभग 1000 लोगो की आबादी है इसी मार्ग से आना जाना है ऐसी स्थिति में उक्त मार्ग की जांच कराकर अविलम्ब खोलवाया जाना चाहिए जिससे गांव के लोगो का रास्ता बहाल हो सके जबकि उक्त मार्ग के अलावा कोई भी वैकल्पिक गार्ग मौजूद नहीं है। “अतः विनम्र निवेदन है कि ग्राम पंचायत सरूई जनपद पंचायत

ये कागजों पर अभी भी अति दुर्गम प्रभावित इलाका माना जाता है. यहां के साफ सुंदर हरे भरे जंगल मन मोहने वाले हैं लेकिन यहां रहने वाले लोगों की जिंदगी में दुश्वारियां भी कम नहीं हैं. आजादी के 70 साल बाद भी यहां पहुंचने के लिए एक अदद सड़क नहीं है. गांव से पंचायत सचिवालय कुछ किलोमीटर की दूरी पर है. सरकार से मिलने वाली सभी योजनाओं का लाभ लेने के लिए गांव वालों को यहीं जाना पड़ता है. लेकिन दूरी तय करने के लिए उन्हें कई किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है.

किसी ने भी नहीं सुनी गुहार!

गांव वाले सालों से यहां रास्ता की मांग कर रहे हैं. और यहां का रास्ता दुर्गम होने की वजह से राजनीतिक दलों के उम्मीदवार भी यहां वोट मांगने नहीं आते हैं. तो वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधि से उन्हें सालों से सिर्फ आश्वासन मिलता है. गांव के समाजसेवी युवकों ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को भी मीडिया के माध्यम से भी अपनी समस्या से अवगत कराया जाएगा . यहां तक कि लोगों की मदद के लिए तैयार रहने वाले जनप्रतिनिधियों से भी गुहार लगाई की वो उनकी बातों को सही प्लेटफार्म तक पहुंचा दें. गांव के विजय कुमार ने ज्ञापन के जरिए कलेक्टर साहब से आग्रह किया कि वो एक बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से गांव का रास्ता बना देने के लिए बात करें. गांव वालों का मानना है कि जनप्रतिनिधि के बोलने से सीएम जरूर ध्‍यान देंगे. लेकिन कही से कोई मदद नहीं मिली.

गांव वालों कलेक्टर को लिखा खत से रास्ता परंतु गांव के कुछ दबंग लोग यह रास्ता बनने में रोडा अटका रहे हैं
सब तरफ से निराश होकर गांव के युवकों ने खुद से ही रास्ता बनाने का निर्णय लिया परंतु गांव के ही कुछ दबंग किसम के लोगों ने उन्हें रोक दिया। इसलिए रास्ता बने में विजय को पूरे गांव का सहयोग नहीं मिला गांव के युवकों का कहना है कि उन्होंने एक अस्थाई सड़क या कहें पगडंडी बनाया है. इससे उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है. बड़े बड़े पत्थरों को काटना और छोटी-छोटी बरसाती नदियों पर पुल बनाना उनके लिए संभव नहीं है.

इसमें लाखों- करोड़ों का खर्च है, हम गांव वालों ने एक पहल की है. इस पहल को सरकार का साथ मिल जाएगा तो हमारी समस्याओं का समाधान हो जाएगा. गांव वालों के इस जज्बे को स्थानीय लोगों ने सराहा है. उन्होने कहा कि से विजय कुमार गांव के बीच रास्ता बनवाने के लिए वो प्रयासरत हैं. लेकिन विभाग की तरफ से क्लीयरेंस नहीं मिल रहा है.यही वजह है कि सड़क निर्माण में देरी हो रही है. वहीं रीवा के कलेक्टर ने पूरे मामले को देखने की बात कही है. परंतु अभी तक नहीं हुई कोई कार्यवाही पीड़ित ग्रामीणों ने लगाई सरकार से मदद की गुहार।

त्योंथर के गडरगवां कोटिहा टोला का रूढ़ीगत व प्राचीन, मार्ग अविलम्ब खोलवाए जाने की कृपा की जाय प्रार्थीगण माननीय के सदा आभारी रहेंगे।

ई खबर मीडिया के लिए ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

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